हमारे आश्रम के बारे में

हमारे आश्रम के बारे में

उद्देश्य और दृष्टि

हमारा मिशन

वैदिक विज्ञान और हिमालयी योग के शाश्वत ज्ञान को दुनिया के हर कोने तक पहुँचाना, शांति और आध्यात्मिक जागृति का वैश्विक समुदाय बनाना।

हमारी दृष्टि

एक ऐसी दुनिया बनाना जहाँ हर व्यक्ति प्रकृति और अपने आंतरिक स्वरूप के साथ सामंजस्य में रहे, आध्यात्मिक ज्ञान और करुणा के प्रकाश से निर्देशित हो।

1000+
प्रशिक्षित विद्यार्थी
50+
योग रिट्रीट
20+
सेवा के वर्ष
124
योग विज्ञान के पृष्ठ
Rishi Kalp Ashram चन्द्रबनी - देहरादून
विरासत एवं इतिहास

ऋषि कल्प की विरासत

हिमालय की तलहटी में स्थित ऋषि कल्प आश्रम दो दशकों से अधिक समय से आध्यात्मिक साधकों के लिए एक पवित्र आश्रय रहा है। हमारी यात्रा एक सरल दृष्टि से शुरू हुई: प्राचीन ऋषियों की प्रामाणिक शिक्षाओं को संरक्षित करना और उन्हें आधुनिक दुनिया के लिए सुलभ बनाना।

हमारे आचार्यों के मार्गदर्शन में, आश्रम योग, ध्यान और आयुर्वेदिक उपचार का जीवंत केंद्र बन गया है। हमारा विश्वास है कि आध्यात्मिक विकास एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो सही वातावरण और मार्गदर्शन मिलने पर फलती-फूलती है।

प्रसिद्ध ऋषि-मुनियों की परंपरा का अनुसरण करते हुए आचार्य अरुण जी महाराज ने योग विज्ञान पुस्तक के माध्यम से सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण का संकल्प लिया है।

योग दर्शन

अष्टाङ्ग योग - योग के आठ अंग

महर्षि पतंजलि के योगदर्शन के अनुसार योग के आठ अंग हैं। ये आठों अंग मिलकर जीवन को सम्पूर्ण रूप से स्वस्थ, शान्त एवं आनन्दमय बनाते हैं।

01 यम
02 नियम
03 आसन
04 प्राणायाम
05 प्रत्याहार
06 धारणा
07 ध्यान
08 समाधि
Acharya Arun Kumar Ji

आचार्य अरुण कुमार जी

ऋषिकल्प आश्रम गुरुकुल

9412053841 / 9012486055
acharyarishikalp@gmail.com

आचार्य परिचय

हमारे मार्गदर्शक

"ऋषियों की तपोभूमि आर्यावर्त में पैदा होने वाले हर बच्चे व बड़े व्यक्ति को योग की शिक्षा व दीक्षा अनिवार्य रूप में मिलनी चाहिए।"

पूज्य आचार्य श्री अरुण कुमार जी ने अपने जीवन की सम्पूर्ण आकांक्षाओं को त्यागकर समाज के उद्धार के लिए ऋषिकल्प आश्रम गुरुकुल, चन्द्रबनी, देहरादून की नींव रखी।

आचार्य जी योग से चित्त व शरीर के दोषों का, वेद ज्ञान से अज्ञान का तथा आयुर्वेद की परंपरा से असाध्य रोगों का उपचार कर ऊर्जावान, ज्ञानवान, सुसंस्कृत, सभ्य एवं स्वस्थ समाज का अभिनव सृजन कर रहे हैं।

योग विज्ञान - सम्पूर्ण पुस्तक

आचार्य अरुण कुमार जी द्वारा रचित 124 पृष्ठों की यह पुस्तक योगासन, प्राणायाम, अष्टाङ्ग योग एवं आध्यात्मिक विषयों का प्रामाणिक संग्रह है। नि:शुल्क पढ़ें।